गाइड
ओरिजिनल या लोकल EV बैटरी: असली फ़र्क़ क्या है?
दो बैटरी बाहर से एक जैसी दिख सकती हैं और दोनों पर 60V 30Ah लिखा हो सकता है। सुरक्षा और उम्र अंदर छुपी चीज़ें तय करती हैं: सेल, BMS और उनके पीछे की टेस्टिंग।
संक्षिप्त जवाब
फ़र्क़ अंदर है: सेल की गुणवत्ता, BMS और सुरक्षा टेस्टिंग। भारत के ई-टू-व्हीलर की बैटरी को AIS-156 पूरा करना होता है, जिसमें सुरक्षा देने वाली BMS, फ़्यूज़ और IS 16893 के अनुसार टेस्ट हुए सेल हों। सस्ती ‘कम्पैटिबल’ बैटरी में यह सब न भी हो, और स्कूटर की वारंटी जा सकती है।
सस्ती बैटरी में कहाँ कटौती होती है
- सेल: अच्छी बैटरी में जाने-माने निर्माता के मेल खाते नए सेल होते हैं। कुछ सस्ती बैटरी में अलग गुणवत्ता के या पहचाने न जा सकने वाले सेल होते हैं, और एक कमज़ोर सेल पूरी बैटरी को नीचे खींचता है।
- BMS: सबसे सस्ते बोर्ड में तापमान सेंसर या सेल बैलेंसिंग न भी हो, और सूरत की गर्मी में ठीक यही सुरक्षा चाहिए।
- बनावट: कमज़ोर वेल्ड, पतले तार, फ़्यूज़ नहीं और पानी से कमज़ोर सीलिंग। ये कमियाँ महीनों बाद, अक्सर मानसून के बाद, ख़राबी या गर्मी के रूप में दिखती हैं।
भारत के सुरक्षा नियम क्या माँगते हैं
2022 में ई-स्कूटर में लगी आग के बाद सड़क परिवहन मंत्रालय ने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बैटरी का मानक AIS-156 कड़ा किया। Amendment III दो चरणों में लागू हुआ, 1 दिसंबर 2022 और 31 मार्च 2023 से।
- ओवर-चार्ज, ओवर-डिस्चार्ज, ओवर-करंट, शॉर्ट सर्किट और ज़्यादा तापमान से बचाने वाली BMS।
- बैटरी-स्तर पर फ़्यूज़, पानी से सुरक्षा, और एक सेल ज़्यादा गर्म हो तो आग बाकी सेल में न फैले, यह दिखाने वाला टेस्ट।
- NABL मान्य लैब में भारतीय मानक IS 16893 (भाग 2 और 3) के अनुसार टेस्ट हुए सेल, और सेल, BMS व बैटरी की पहचान (ट्रेसेबिलिटी)।
बदली जाने वाली बैटरी के लिए यह क्यों ज़रूरी
ये मंज़ूरी आपके वाहन के साथ आई बैटरी को मिली होती है। अनजान वर्कशॉप की ‘कम्पैटिबल’ बैटरी आम तौर पर उस टेस्टिंग से नहीं गुज़री होती, और ख़राब हो तो कोई ज़िम्मेदारी न ले, ऐसा भी हो सकता है। ग़ैर-मान्य बैटरी या चार्जर लगाने से स्कूटर की निर्माता वारंटी भी ख़त्म हो सकती है: Ather जैसे ब्रांड बदली गई बैटरी को वारंटी से बाहर रखते हैं, और TVS ने कहा है कि दूसरे चार्जर से वारंटी जाती है।
किसी भी बैटरी विक्रेता से पूछने के सवाल
- कौन सा प्रकार, किस निर्माता के सेल, और ठीक कितने वोल्ट, Ah और kWh?
- BMS में तापमान सेंसर और सेल बैलेंसिंग है, और वह कितने करंट के लिए बनी है?
- सेल या बैटरी की टेस्ट रिपोर्ट या प्रमाणपत्र है?
- वारंटी बिल पर लिखी है, और उसे कौन निभाएगा?
- क्या उसके साथ उसी बैटरी के लिए बना चार्जर आता है या चलता है?
सवाल
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या लोकल EV बैटरी सुरक्षित हैं?
कुछ अच्छी बनी होती हैं, कई नहीं, और बाहर से पता नहीं चलता। पैसे देने से पहले सेल, BMS और टेस्ट रिपोर्ट के बारे में पूछें।
EV बैटरी के लिए AIS-156 क्या है?
यह इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बैटरी के लिए भारतीय सुरक्षा मानक है। 2022–23 से इसमें सुरक्षा देने वाली BMS, फ़्यूज़, पानी से सुरक्षा, IS 16893 के अनुसार सेल टेस्ट और एक गर्म सेल से बाकी सेल में आग न फैले, इसका टेस्ट ज़रूरी है।
क्या ओरिजिनल के अलावा बैटरी से स्कूटर की वारंटी जाएगी?
जा सकती है। कई निर्माता बदली गई बैटरी और ग़ैर-मान्य चार्जर को वारंटी से बाहर रखते हैं। स्कूटर अभी वारंटी में है तो पहले वारंटी बुकलेट देखें।
बदलने के लिए बैटरी लेनी है?
हमसे भी यही सवाल पूछें। हम किसी भी ब्रांड के लिए लेड-एसिड, लिथियम और LFP बैटरी रिटेल और होलसेल में बेचते हैं; अपने स्कूटर के मॉडल के साथ WhatsApp 99091 21112 पर लिखें।